मुंबई, 30 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन) एप्पल (Apple) और गूगल (Google) के स्मार्टफोन वर्चस्व को चुनौती देने के लिए OpenAI एक ऐसे डिवाइस पर काम कर रहा है जो पूरी तरह से 'एआई एजेंट्स' (AI Agents) पर आधारित होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एप्पल के पूर्व दिग्गज डिजाइनर जॉनी इवे (Jony Ive) के साथ हाथ मिलाया है।
खबर के मुख्य पहलू:
- ऐप्स की जगह लेंगे 'एआई एजेंट्स': वर्तमान स्मार्टफोन में हमें हर काम के लिए अलग ऐप (जैसे उबर, स्विगी या जीमेल) खोलना पड़ता है। OpenAI का लक्ष्य एक ऐसा इंटरफेस बनाना है जहाँ आप केवल बोलकर या लिखकर निर्देश देंगे और 'एआई एजेंट' आपके लिए बैकग्राउंड में सारे काम कर देगा।
- हार्डवेयर में बड़ा बदलाव: इस नए डिवाइस को 'स्मार्टफोन का आईफोन मोमेंट' माना जा रहा है। यह पारंपरिक फोन जैसा होने के बजाय पूरी तरह से एआई-नेटिव होगा, जिसमें स्क्रीन और बटन्स की भूमिका बदल सकती है।
- एप्पल को सीधी टक्कर: जहाँ एप्पल अपने आईफोन में 'एप्पल इंटेलिजेंस' जोड़ रहा है, वहीं OpenAI एक ऐसा स्वतंत्र इकोसिस्टम बनाना चाहता है जहाँ यूजर को किसी थर्ड-पार्टी स्टोर (जैसे ऐप स्टोर) पर निर्भर न रहना पड़े।
यह कैसे काम करेगा?
कल्पना कीजिए कि आपको ट्रिप प्लान करनी है। अभी आप अलग-अलग ऐप्स पर टिकट, होटल और कैब बुक करते हैं। लेकिन OpenAI के इस विजन में, आप बस फोन से कहेंगे, "मेरी अगली मीटिंग के लिए टिकट और होटल बुक करो," और एआई एजेंट आपकी पसंद और पिछले रिकॉर्ड के आधार पर यह सब खुद कर देगा।
चुनौतियां और निवेश:
इस प्रोजेक्ट के लिए 'लवफ्रॉम' (LoveFrom) नामक कंपनी के जरिए भारी निवेश जुटाया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन बाजार में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि लोग ऐप्स के आदि हो चुके हैं और हार्डवेयर निर्माण में बड़ी लागत और सप्लाई चेन की जरूरत होती है।
यदि OpenAI इस विजन में सफल होता है, तो भविष्य के फोन 'ऐप-आधारित' होने के बजाय 'एजेंट-आधारित' होंगे, जो हमारे तकनीक इस्तेमाल करने के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे।