मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पायधुनी क्षेत्र में पिछले महीने हुई एक परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) द्वारा बुधवार, 07 मई 2026 को सौंपी गई विसरा रिपोर्ट में मृतकों के शरीर और उनके द्वारा खाए गए तरबूज के नमूनों में 'जिंक फॉस्फाइड' (Zinc Phosphide) नामक घातक रसायन पाया गया है। यह रसायन आमतौर पर चूहों को मारने वाले जहर (Rodenticide) में इस्तेमाल किया जाता है, जो मानव शरीर के लिए अत्यंत विषैला होता है।
फूड पॉइजनिंग नहीं, जहर का मामला
शुरुआती जांच में इसे सामान्य 'फूड पॉइजनिंग' का मामला माना जा रहा था, क्योंकि परिवार ने रात के खाने में बिरयानी और तरबूज का सेवन किया था। हालांकि, फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद अब जांच की दिशा बदल गई है।
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घातक प्रभाव: विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक फॉस्फाइड अनाज भंडारण केंद्रों में इस्तेमाल होने वाला एक तीव्र जहर है। इसकी मौजूदगी ने उन आशंकाओं को जन्म दिया है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कुछ और हो सकता है।
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मृतकों की पहचान: इस दुखद घटना में 40 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसीम (35), और उनकी दो बेटियां आयशा (16) एवं ज़ैनब (13) की जान चली गई थी। यह परिवार दक्षिण मुंबई स्थित अपने आवास में 25-26 अप्रैल की दरमियानी रात को मृत पाया गया था।
आत्महत्या या साजिश? पुलिस की गहन जांच
रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद मुंबई पुलिस अब दो मुख्य कोणों से जांच कर रही है: 'सुसाइड पैक्ट' (सामूहिक आत्महत्या का समझौता) या 'हत्या'।
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तरबूज का रहस्य: जांचकर्ता अब इस पेचीदा सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि आखिर चूहे मारने वाला जहर तरबूज के भीतर कैसे पहुँचा। क्या इसे जानबूझकर मिलाया गया था या यह किसी लापरवाही का नतीजा था?
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रिश्तेदारों से पूछताछ: चूंकि घटना वाली रात परिवार ने रिश्तेदारों के लिए भोज का आयोजन किया था, इसलिए पुलिस मेहमानों और करीबियों के बयानों को फिर से खंगाल रही है ताकि कड़ियों को जोड़ा जा सके। इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे पायधुनी इलाके में खौफ और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले के हर तकनीकी और पारिस्थितिजन्य साक्ष्य का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं ताकि सच सामने आ सके।