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मुझे टटोलने दिल्ली से आए थे अफसर… अजहर का आया नया ऑडियो, बताई IC 814 की कहानी

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Posted On:Friday, January 2, 2026

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का एक नया ऑडियो संदेश सामने आया है, जिसमें उसने दिसंबर 1999 के इंडियन एयरलाइंस विमान (IC-814) अपहरण कांड के बाद अपनी रिहाई की कहानी सुनाई है। इस ऑडियो में अजहर ने भारतीय अधिकारियों के साथ हुई बातचीत और जेल से कंधार तक के सफर का जिक्र किया है।

ऑडियो में अजहर के दावे: "अफसरों ने मेरा जज्बा टटोला"

मसूद अजहर ने ऑडियो में दावा किया है कि रिहाई से पहले दिल्ली से कुछ अधिकारी उससे मिलने जेल आए थे।

  • अधिकारियों के सवाल: अजहर के मुताबिक, उससे पूछा गया कि क्या कश्मीर में जिहाद खत्म हो जाएगा? जिस पर उसने जवाब दिया कि "यह 50 साल बाद भी खत्म नहीं होगा क्योंकि यह कुरान की आयतों में है।"

  • मौत की धमकी: उसने बताया कि एक अधिकारी ने जमीन की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि उसकी कब्र भारत में ही बनेगी। लेकिन विमान अपहरण की घटना ने पूरी स्थिति बदल दी।

"बिना पासपोर्ट-वीजा के ले गए कंधार"

अजहर ने ऑडियो में उस समय की अफरा-तफरी का वर्णन करते हुए कहा कि उसे भारतीय विमान में बिठाकर ले जाया गया।

  • सुरक्षा और डर: उसने दावा किया कि अधिकारी इतने डरे हुए थे कि उन्होंने उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और हाथ हथकड़ियों से जकड़ दिए।

  • बिना कागजात का सफर: उसने तंज कसते हुए कहा, "न कोई बोर्डिंग पास था, न वीजा और न ही पासपोर्ट। अल्लाह का करम था कि तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह 70 घंटे तक जागते रहे और फिर मुझे रिहा करना पड़ा।"

क्या था IC-814 हाईजैक कांड? (इतिहास के पन्ने)

दिसंबर 1999 की यह घटना भारतीय विमानन इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है:

  1. अपहरण: 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली आ रहे विमान IC-814 को 5 आतंकियों ने हाईजैक कर लिया।

  2. स्थान: अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया, जहां उस समय तालिबान का शासन था।

  3. शर्तें: विमान में सवार 180 यात्रियों की जान के बदले आतंकियों ने भारत की जेलों में बंद अपने साथियों की रिहाई की मांग की।

31 दिसंबर 1999: वह समझौता जिसने देश को दहला दिया

यात्रियों की जान बचाने के लिए भारत सरकार को झुकना पड़ा और 31 दिसंबर को तीन खूंखार आतंकियों को कंधार ले जाकर रिहा किया गया:

  • मसूद अजहर (जिसने बाद में जैश-ए-मोहम्मद बनाया)

  • अहमद उमर सईद शेख (जो अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या में शामिल रहा)

  • मुश्ताक अहमद जरगर

रिहाई का अंजाम: भारत को मिली बड़ी चोट

मसूद अजहर की रिहाई भारत के लिए बेहद घातक साबित हुई। पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया, जो भारत में कई भीषण हमलों का मास्टरमाइंड रहा है:

  • 2001: भारतीय संसद पर हमला।

  • 2016: पठानकोट एयरबेस पर हमला।

  • 2019: पुलवामा हमला, जिसमें 40 CRPF जवान शहीद हुए।

निष्कर्ष

मसूद अजहर का यह ऑडियो न केवल पुराने जख्मों को कुरेदता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि कैसे आतंकवाद ने कूटनीति और सुरक्षा को चुनौती दी थी। वर्तमान में मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक घोषित आतंकी माना जाता है, लेकिन पाकिस्तान में उसकी मौजूदगी भारत और वैश्विक सुरक्षा के लिए लगातार एक बड़ा खतरा बनी हुई है।


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